Class 12th Intermediate Exam 2024 इंटरमीडिएट परीक्षा कक्षा 12वी के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर।।

Class 12th Intermediate Exam 2024

1. जलीय पौधे- यह पौधे जल में अथवा अति आर्द्र भाग में ही विकसित होता है। इनका तना प्राय: लम्बा और मुलायम होता है। जैसे-केला मरूद्धिद पौधे-वे पौधे जो शुष्क (सूखे) स्थानों में उगते हैं, मरूद्धिद कहलाते हैं। जैसे- नागफनी, आर्जेमोन etc.

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2. जल – परागण प्रायः जलीय पौधों में होता है, परन्तु कुछ पौधों, जैसे-कमल (Nelulmbo nucifera) में कीट परागण होता है। ऐसे प्रमुख जलीय पौधों के उदाहरण हैं- हाइड्रिला तथा वेलिसनेरिया ।

3. धान की दो किस्में निम्न है :- (a) जया

(b) पूसा सुंगध गेहूँ की दो किस्में निम्न हैं:- (i) लेरमा राजा (ii) सोनारा-64 11. लमार्क तथा डार्विन के सिद्धांतों में निम्न विभेद है।

:- लमार्क उपार्जित लक्षणों की वंशागति पर आधारित है जबकि डार्विन प्राकृतिक चयन पर आधारित है। 1. 2. लमार्क वाद अंगों के उपयोग तथा अनुप्रयोग पर आधारित है 1

जबकि डार्विन गुणों की वंशागतिकी पर आधारित है। 12. बहुत से निमाटोड्स मानव के साथ-साथ पादप तथा अन्य जानवरों में रहते हैं। मिलोयडेग्ना इन्कोग्निसिया नामक निमैटोड तम्बाकू पौधों के जड़ को संक्रमित कर ऊपज में कमी ला देता है। इस कमी को दूर करने के लिए एक उन्नत तकनीक है RNAi विधि । कोशिकीय रक्षा के लिए यह विधि सभी युकैरियोटिक जीवों में होता है। इस विधि के अंतर्गत खास mRNA का Silencing पूरक dsRNA के कारण होता है जो कि RNAi को प्रारंभ करता है तथा निमेटोड के खास mRNA को Silence कर देता है।

4. (a) पैलीन्ड्रोम्स-एक पैलीन्ड्रोम्स अनुक्रम एक डबल स्ट्रैंडेड DNA या RNA अणु में एक न्यूक्लिक एसिड अनुक्रम है, जिसमें एक ही निश्चित दिशा में पढ़ा जाता है।

(b) क्लोनिंग संवाहक-एक क्लोनिंग संवाहक डीएनए (DNA) का एक छोटा या टुकड़ा होता है जिसे जीव में स्थिर रूप से बनाए रखा जा सकता है।

5. वर्ष 2018 के प्रश्न सं०-16 का अथवा का उत्तर देखें ।

6. सक्रिय बी कोशिकाएं या तो घुलनशील एंटीबॉडी में स्रावित होने वाली एंटीबॉडी उत्पादक कोशिकाओं, जिन्हें प्लाविका कोशिकाएँ भी कहते हैं, में या शरीर में लंबे समय तक बनी रहनेवाली स्मृति कोशिकाओं में अंतर करती है। ताकि प्रतिरक्षा प्रणाली प्रतिजन (एंटीजन) को याद रख सके तथा इनके पुनः प्रकट होने पर त्वरित प्रतिक्रिया कर सके।

7. सक्रिय बी कोशिकाएं या तो घुलनशील एंटीबॉडी में स्रावित होने वाली एंटीबॉडी उत्पादक कोशिकाओं, जिन्हें प्लाविका कोशिकाएँ भी कहते हैं, में या शरीर में लंबे समय तक बनी रहनेवाली स्मृति कोशिकाओं में अंतर करती है। ताकि प्रतिरक्षा प्रणाली प्रतिजन (एंटीजन) को याद रख सके तथा इनके पुनः प्रकट होने पर त्वरित प्रतिक्रिया कर सके ।

8. एग्रोबैक्टीरियम एक प्रकार का Vector है जिसके द्वारा निमाटोड के खास

जीन को पोषक पादप में प्रवेश कराया जाता है। DNA का प्रवेश इस

प्रकार से होता है कि इसके प्रवेश से sense तथा anti-sense दोनों प्रकार

के RNA पोषक कोशिका में उत्पन्न होते हैं। ये दोनों RNA एक दूसरे

के पूरक होते हैं तथा मिलकर द्विवलीय आर०एन० का निर्माण करता है

जो RNAi को शुरू करता है। इस प्रकार निमेटोड के खास mRNA को Silence कर देता है। इसके परिणामस्वरूप परजीवी किसी ट्रांसजेनिक पोषक में जीवित नहीं रह सकता है। अतः ट्रांसजेनिक पादप परजीवी के संक्रमण से सुरक्षित रह पाता है ।

9. अलैंगिक जनन-एक ही जनक की आवश्यकता पड़ती है, अतः प्राप्त संतति आनुवंशिक रूप से समान होने के साथ-साथ आपस में भी समान होते हैं । संतति को एकपुंजक या क्लोन कहा जाता कवक, प्रोटोजोआ आदि । । उदाहरण- जीवाणु,

लैंगिक जनन – इस जनन में विपरीत लिंगवाला जीवा द्वारा नर तथा मादा युग्मक बनाए जाते हैं, जिनके संगलन से युग्मनज बनता है । यह विकसित होकर नए जीव को जन्म देता है। उच्चवर्गीय पौधों तथा जंतुओं में इस विधि से जनन होता है । उदाहरण-मनुष्य, पुष्पीय पादप आदि।

10. परजीवी जन्तुओं के प्रमुख कुप्रभाव निम्नलिखित हैं:-

(i) प्रोटीन-विभिन्न जीवों में प्रवेश कराए गए जीनों द्वारा पोलिपेप्टाइड संश्लेषण के अलावा प्रोटीन तथा एंजाइमस का भी संश्लेषण होता है। हालांकि बाह्य प्रोटीन प्रायः शरीर के प्रतिरोधतींत्र द्वारा आक्रमण कर दिए जाते हैं। परिणामतः क्षतिग्रस्त रसायन लंबे समय के बाद हानिकारक साबित होते हैं।

(ii) मानव अंग – Autografts एवं Isografts द्वारा वृक्क, यकृत, हृदय जैसी विस्थापित अंगों की प्राप्त किया जाता है। हालांकि ऐसे अंग की वृद्धि ethical नहीं है। (iii) मानव क्लोनिंग-आजकल किसी भी जीव का क्लोनिंग करना संभव हो पाया है पर यह परिवार तंत्र को बर्बाद कर देगा ।

11. (a) B.O.D. कार्बनिक अवशिष्ट की मात्रा बढ़ने से अपघटन की दर बढ़ती है तथा (O2) का उपयोग बढ़ता है। जल में घुल गई 02 (DO) की मात्रा घटती है।

(b) ऊर्ण- ऊर्ण वह प्रक्रिया है जिसमें जल अथवा वाहित मल के ठोस पदार्थों के सपुंज जैविक या रासायनिक क्रियाओं से समुच्चयित हो जाते हैं।

 

12. अधिकांश प्रोटीन या पोलिपेप्टाइड में प्रथम अमीनों अम्ल मिथियोनिन (Methionine) होता है तथा m-RNA पर इसके लिए AUG या कभी-कभी GUG (बैक्टीरिया में) कोडोन रहते हैं। चेन बनने के पहले मिथियोनिन का फॉमोइलेटेड होना आवश्यक होता है। वैसे कोडोन, जो पालिपेप्टाइड चेन बनाने की प्रक्रिया शुरू करते हैं, उसे चेन प्रारंभ कोडोन (AUG) कहते हैं । परंतु 64 कोडोनों में, तीन कोडोन (UAA, UAG एवं UGA) ऐसे होते हैं जो पोलिपेप्टाइड चेन के समापन का संकेत देते हैं। इसे चेन समापन कोडोन कहते हैं। चूँकि ये किसी अमीनों अम्ल का संकेतवाहक नहीं होते हैं, अतः उन्हें नॉनसेंस, कोडोन (non sense codon) भी कहते हैं। mRNA में ये जहाँ रहते हैं, पालिपेप्टाइड श्रृंखला बनने की क्रिया वहाँ रोक देते हैं।

13. (a) हाइड्रोकार्बन-हाइड्रोकार्बन कार्बनिक यौगिक होते हैं जो हाइड्रोजन और कार्बन के परमाणुओं से मिलकर बने होते हैं । इनका मुख्य स्रोत भूतैल है।

(b) धुआँ-धुआँ एक कोलायड है जो हवा में उपस्थित ठोस, द्रव एवं गैसों के कणों से बना होता है। धुआँ तब निकलता है जब कोई पदार्थ जलता है।

(e) अम्लीय वर्षा – SO2 एवं NO, जैसे अनेक ऑक्साइड अम्ल जल में घुलकर सल्फ्यूरिक अम्ल बना लेते हैं। ये अम्ल जल के साथ वर्षा के रूप में जमीन पर गिरते हैं, इसे ही अम्लीय वर्षा कहते हैं ।

14. Food Web आहार श्रृंखला का जाल है जो आपस में विभिन्न पोषी-स्तरों द्वारा जुड़ा रहता है जिससे विभिन्न जीवों के बीच भोज्य संयोजन विभिन्न जीवों के बीच बनाता है। इसके द्वारा किसी पारितंत्र के स्थायित्व में वृद्धि होती है भोजन के वैकल्पिक स्रोत द्वारा। इससे संकटग्रस्त आबादी के आकार में वृद्धि हो सके।

15. (a) सहलग्नता – वर्ष 2011 के प्रश्न सं०-04 का उत्तर देखें । (b) सहलग्नता वर्ग एक ही गुणसूत्र पर मौजूद जीन द्वारा एक सहलग्नता वर्ग निरूपित करता है। विनिमय को छोड़कर ये साथ-साथ वंशानुगत होते हैं। यह गुणसूत्र के corresponding होते हैं जिस पर रैखिक क्रम में जीन सहलग्नित होते है तथा साथ-साथ अनुवांशिक होते हैं ।

(c) प्रत्यक्ष सहलग्नता- जब गुणसूत्र पर उपस्थित जीन इतने नजदीक स्थित होते हैं जिससे इनकी वंशागति पीढ़ी-दर-पीढ़ी नए संयोग बना लेती है।

(d) परोक्ष सहलग्नता – समजात गुणसूत्रों व अर्धसूत्री विभाजन के

समय जीन विनिमय द्वारा गुणसूत्र परस्पर आदान-प्रदान करते है 1

16. टायफॉएड एक प्रकार का संक्रमण बुखार है जो दूषित भोजन और पानी के माध्यम से फैलता है।

रोगजनक – साल्मोनेला टाइफी (जीवाणु)

लक्षण – उच्च ज्वर, कमजोरी, कब्ज, सिरदर्द

उपचार- विडाल परीक्षण ।

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